Startup

दुबई में आया IDEA टिहरी में कमाल कर गया, तीन दोस्तों ने शुरू किया जुन्याली डॉल का Startup

Spread the love

देहरादून: राज्य की पहचान स्थापित करने के लिए तमाम युवा काम कर रहे हैं। हम आपके सामने इस तरह की कई कहानियां लेकर आए, जहां पहाड़ों के कनेक्शन ने युवाओं को पहचान दी है। इसे आप युवाओं का बड़पन भी कह सकते हैं जो अपनी पहचान के साथ उत्तराखंड के नाम को जोड़ा रखना चाहते हैं। इस लेख में हम आपकों एक ऐसे स्टार्टअप के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका आइडिया सात समंदर दूर बैठकर आया था। पहले के दौर पर “बॉर्बी डॉल” काफी विख्यात थी। जिस तरह लड़के वीडियो गेम के लिए अपनी दिवानगी जाहिर करते थे, उसी तरह लड़कियों का प्रेम डॉल्स के लिए होता था।

कमाल कर गया तीन दोस्तों का स्टार्टअप

उत्तराखंड के तीन दोस्तों ने एक ऐसी डॉल बनाई जिसमें पहाड़ी म्यूजिक बजता हो, ताकि इसे खरीदने वाला उत्तराखंड के बारे में जान सके। हम बात “जुन्याली डॉल” की बात कर रहे हैं। यह फ्योली एंड पाइंस कंपनी का पहला प्रोडक्ट है और तमाम ऑनलाइन स्टोर्स पर मौजूद है। इस कंपनी की शुरुआत टिहरी गढ़वाल निवासी दीप नेगी, पंकज अधिकारी और अकबीर अधिकारी द्वारा की गई। दिनों दोस्तों ने गुड़ियां को इस तरह बनाया है जिसे देखते ही उत्तराखंड का नाम जुबान पर आ जाए। डॉल में केवल पहाड़ी गीत हीं नही बल्कि उसका पहनावा भी उत्तराखंडी रखा गया है। पहाड़ी पोशाक, पहाड़ी टोपी, पहाड़ी टोकरी, पहाड़ी दुपट्टा (पिछोड़ा)  के साथ जुन्याली डॉल में आपकों मिल जाएगी। साल 2019 में शुरू किया गया ये काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और पहचान स्थापित कर रहा है। इसको डिजाइन करने में स्थानीय लोगों ने उन्हें सहयोग किया।

जुन्याली किसे कहते हैं… कैसे जन्मा ये नाम

उत्तराखंड में चंद्रमा को जून कहा जाता है। चंद्रमा की रोशनी को जुन्याली कहते हैं। चांदनी रातों को जुन्याली रात कहते हैं यानी चंद्रमा की रोशनी वाली रात। जुन्याली से मतलब बहुत सुंदर भी है। इन युवाओं ने उत्तराखंड की पहली डांसिंग डॉल का नाम ‘जुन्याली’ रखा है।

दीप नेगी ने बताई दिल की बात

जुन्याली का आइडिया सबसे पहले दुबई में नौकरी कर रहे दीप नेगी को आया। thebetteruttarakhand.com को फोन पर उन्होंने बताया कि वह साल 2009 से दुबई में रह रहे हैं। वह एक लेखक भी हैं तो कुछ नया करने को जिज्ञासा हमेशा से रहती थी। वह चाहते थे कि कुछ ऐसा किया जाए तो अपने साथ अपने देवभूमि का नाम भी रौशन करे। इसी दौरान उन्हें जुन्याली का आइडिया आया। उन्होंने टिहरी के रहने वाले अपने दोस्त पंकज और अकबीर को जुन्याली डॉल के आइडिया के बारे में बताया और फिर तमाम अध्ययन के बाद इसे फ्लोर पर उतारने में कामयाब हुए। साल 2019 में पहली डॉल हम लांच करने में कामयाब हुए थे। दीप नेगी कहते हैं कि वह दुबई में रहते हुए भी इस काम के काफी करीब हैं। उन्होंने बताया कि वह परिवार में सबसे बड़े भाई हैं। ग्रेजुएशन करने के बाद वह दुबई आ गए। उनकी कंपनी का मुख्य तौर पर संचालन टिहरी गढ़वाल और दिल्ली से ही होता है। धीरे-धीरे हम इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और कोशिश है कि पहाड़ के युवाओं को रोजगार भी दे सकें।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top